बनायें काम्प्लेक्स पासवर्ड : सबसे पहले किसी भी गलत ऑनलाइन नज़र से बचने के लिये जो काम आता है वोह है आपका पासवर्ड | बहुत से हमारे साथी पासवर्ड यह समझ के अपनाते हैं की यह तोह महज एक औचारिकता है किन्तु हमारा पासवर्ड ऐसा होना चाहिये जिसको बूझ पाना असंभव हो | 

बहुत सरे दोस्त 123456, test123456, अपना नाम, अपने परिवार में से किसी का नाम आदि पासवर्ड रख लेते हैं जो की सुरक्षा के लिहाज से गलत है | ऑनलाइन सिक्योरिटी की बारे में जब भी आप सोचते हैं तो यह जान लीजिये की आपका पासवर्ड आपका पहला कवच है | पासवर्ड का चुनाव करते समय उपर केस और लोअर केस करैक्टर्स को मिला कर प्रयोग करें और इसके इलावा उनमे स्पेशल कैरक्टर्स को भी मिलाए | 

वेबसाइट की इनक्रीप्शन देेखें : कोई भी लेन देन सम्बन्धी सर्विस लेते समय इस बात का जरूर ध्यान दें की वेबसाइट एच टी टी पी ऐस (https) कनेक्शन का प्रयोग कर रही है | यह चेक करने के लिये आप एड्रेस बार में देेखें, एच टी टी पी ऐस का मतलब होता है के आप के द्वारा लिखा गया डाटा जब सर्विस तक जाता है तो उसे एन्क्रिप्ट कर दिया जाता है ताकि कोई भी हैकर उसको नेटवर्क के बीच में ना पढ़ सके | 

Https security

पब्लिक वाई फाइ (wifi) में बैंकिंग ना करें : जी हाँ, फ्री पब्लिक वाई फाइ का प्रयोग ना करें खास कर के जब आप बैंकिंग से संबंधित लेन देन कर रहे हों, क्यूंकि हो सकता है वह नेटवर्क सुरक्षा के लिहाज से सही ना हो | ध्यान रखें की एयरपोर्ट्स, कॉफ़ी शॉप्स या होटल्स आदि के फ्री वाई फाइ सिक्योर नही होते और कोई आसानी से आपकी इनफार्मेशन कलेक्ट कर सकता है |

फिशिंग से बचें : फिशिंग का मतलब की आप जिस वेबसाइट का प्रयोग कर रहे हैं वह गलत वेबसाइट है या यह वह वेबसाइट नही है जिसका प्रयोग आप करना चाहते हैं लेकिन यह देेखने में हुबहु वैसे ही लगती है , जिसमे आप अपनी डिटेल्स डाल सकते हो और बाद में गलत लोग उसे यूज़ कर सकते हैं | देेखने में आया है के ज्यादातर ईमेल में आये हुए लिंक्स पे हम क्लिक कर देते हैं और उसके बाद इसका शिकार हो जाते हैं | 

कृपया अगर आपको कोई बैंक की ईमेल आती भी है और लोगिन करने को कहा जाता है तो ईमेल का कोई लिंक क्लिक करने की वजाए सीधा यूआरएल (URL) से वेबसाइट ओपन करें और इस बात का खास ख़याल रखे की बैंक या बैंक का कोई भी अधिकारी कभी भी आप से किसी भी तरह का पासवर्ड नही मांगता |

बैंकिंग के लिए करें अलग ईमेल और पासवर्ड का प्रयोग : अक्सर जो ईमेल आईडी हम सोशल वेब पे प्रयोग में लाते हैं वह सबको पता होती है और हम बैंकिंग में वही ईमेल और पासवर्ड प्रयोग करते हैं जो की गलत है | आप को चाहिये की बैंकिंग में एक अलग गोपनीय ईमेल और पासवर्ड का प्रयोग करें, ऐसा करने से आप खुद हो एक कदम और सिक्योर कर लेते हैं | 

ऑपरेटिंग सिस्टम और एंटी वायरस को रखें अपडेट : ऑपरेटिंग सिस्टम और एंटी वायरस को अपडेट रखना बहुत जरुरी है | जब भी कोई अपडेट होती है तोह हम उसको बंद कर देते हैं या फिर बाद में करने की ऑप्शन क्लिक कर देते हैं जो की बिलकुल गलत है | कभी भी अगर कोई अपडेट आती है तो बहुत मुमकिन है के उसमे किसी सिक्योरिटी को दरुस्त करने का पैच हो इसलिये उसको तुरंत अपडेट करें | इसके साथ ही फ़ायरवॉल को भी हमेशा ओन रखें |

नियमित अंतराल में पासवर्ड को अवश्य बदलें : एक नियमित अंतराल में पासवर्ड को बदलने की आदत अवश्य डालें | ऑनलाइन सिक्योरिटी में यह उतना ही जरुरी है जितना एक अच्छा पासवर्ड रखना , हर 2 - 3 महीनों में पासवर्ड को बदलना एक अच्छा उदाहरण हो सकता है | आज कल बैंक कोई लेन देन करने से पहले एक वन टाइम पासवर्ड (OTP) आपके मोबाइल पे भेजते हैं , इस सुविधा का प्रयोग अवश्य करें |

टेक आंटी के टिप्स :

अलग अलग वेबसाइट्स पे अलग अलग पासवर्ड का प्रयोग करें |