आप खुद को तो हर किसी की बुरी नज़र से बचाने के लिए ना जाने क्या-क्या टोटके करते है, कभी काला टिका लगा लिया तो कभी लाल मिर्च से फुंकवा लिया। क्या हो अगर आपके जान से भी प्यारे और महंगे एंड्रॉयड फोन को किसी की नज़र लग जाए? यूं तो आप फोन की सुरक्षा के लिए स्क्रीन गार्ड और कवर लगाते हैं। फोन के अंदर की सुरक्षा के लिए पासवर्ड और एंटीवायर डालते हैं फिर भी कुछ दुश्मन हैं जो आपके फोन में अपना घर कर ही जाते हैं। इन दुश्मनों को हम वायरस के नाम से जानते हैं।

जिस तरह आपके फोन के लिए एप्स दोस्त हैं उसी तरह वायरस फोन के दुश्मन ही तो हैं। एप को दोस्तों की तरह आप खुद अपने फोन में लाते हैं लेकिन वायरस चोरों की तरह छुपकर आ जाते हैं। बहुत कम लोग ही इन वायरस के नाम को जानते हैं। आज आपको techaunty.com बताएगी आपके फोन में छुपने वाले 7 खतरनाक शैतानों के नाम:-

1. स्टेजफ्राइट : साल 2015 में इस वायरस ने सभी मोबाइल उपभोक्ताओं के बीच खौफ पैदा कर दिया था। आपको बता दें यह वायरस 100 करोड़ मोबाइल को हैक कर सकता है।  यह वायरस एसएमएस (SMS) के माध्मय से आपके फोन में आता है। इसमें एक वीडियो भेजा जाता है और जब तक आप उसे देखते हैं आपके फोन की जानकारी हैक हो चुकी होती है। ‘स्टेजफ्राइट’ नाम के इस वायरस का काम फोन से डाटा चोरी करने का है।

2. डेनड्रायड : अब बात करते हैं दूसरे खतरनाक वायरस डेनड्रॉयड की। आप इसे डेंजर ड्रायड भी कह सकते हैं। ट्रोजन फैमिली का यह वायरस पूरी तरह से आपके फोन को कंट्रोल कर लेता है। फोन में आने के बाद यह खुद ही सारे कमांड को बदल देता है। एक बार फोन में इंस्टॉल होने के बाद हैकर्स इसे रिमोटली कंट्रोल कर सकते हैं। यह आपके फोन के कॉल लॉग डिलीट कर सकता है, वेबपेज खोल सकता है और किसी भी नंबर को डायल कर सकता है। खुद ही इमेज और वीडियो को किसी साइट पर अपलोड कर सकता है।

3. बेसब्रिज : एंड्रॉयड फोन का यह वायरस आपके फोन में जासूस की तरह बैठ जाता है। फोन में उपलब्ध संवेदनशील डाटा को चुरा कर दूसरे सर्वर पर भेजता है। इतना ही नहीं यह वायरस आपके फोन बिल को भी बढ़ाने का कार्य करता है। यह चोरी छिपे प्रीमियम दर के मैसेज को आपके फोन से भेजता रहता है। यह इतना ताकतवर है कि ऑपरेटर द्वारा सेट डाटा कंजम्शन मॉनिटर को भी ब्लॉक कर देता है जिससे कोई इस पर नजर न रख सके। ध्यान रहे, बेसब्रिज वायरस मुख्य रूप से थर्ड पार्टी एप स्टोर से एप्लिकेशन डाउनलोड करने के दौरान आता है।

4. बैटरी डी-ए : यह वायरस एप्लिकेशन के माध्यम से एप स्टोर पर उपलब्ध है। इसे बैटरी डॉक्टर भी कहा जाता है। सोपहोस एंटीवायर द्वारा बताया गया है कि यह वायरस बैटरी सेव करने का दावा करता है लेकिन एचटीसीपस पर आपकी जानकारियों का चुराता है और फोन में ढेर सारे एडवर्ड भेजता है।

5. जीफेक: बेसब्रिज की तरह यह वायरस भी आपके फोन से प्रीमियम रेट पर मैसेज भेजने का का कार्य करता है। यह वायरस फोन में थर्डपार्टी एप के माध्मय से आता है। ट्रेंड माइक्रो का दावा है कि ट्रोजन फैमिली का यह वायरस आपके फोन में एक एसएमएस से इंबेड हो जाता है और डाटा चोरी करने का कार्य करता है।

6. कोलेर : यह वायरस न सिर्फ आपके फोन का डाटा चोरी करता है बल्कि आपको बदनाम भी कर देता है। जी हां, आपके फोन पर फेक अडल्ट थीम भेज कर यह वायरस आपको फंसा लेता है। यह वायरस ट्रोजन फैमिली का है। एडल्ट थीम के साथ ही आपके फोन का डाटा भी सुरक्षित नहीं है। यह आपके फोन में दूसरे साइट को रिडायरेक्ट कर देता है। अर्थात आप एप खोलेंगे तो खुद ही कोई वेबसाइट खुल जाएगा। एक बार यह इंस्टॉल हो जाता है तो फिर आपको नुकसान पहुंचाकर ही छोड़ता है। इसे आसानी से आप अनइंस्टॉल भी नहीं कर सकते।

7. बॉक्सर : एंड्रॉयड का यह वायरस भी आपके फोन का बड़ा दुश्मन है। यह वायरस भी विशेष तौर से चोरी छिपे प्रीमियम रेट पर मैसेज भेजने के लिए जाना जाता है। एंड्रॉयड फोन में यह वायरस फ्लैश की तरह छुपकर बैठा होता है।